एण्डटीवी के सुपरनैचुरल हॉरर कॉमेडी शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में मकर संक्रांति का त्योहार हंसी, भावनाओं और हल्के-फुल्के हंगामे से भरपूर होने वाला है। शादी के बाद अपनी पहली मकर संक्रांति मनाने जा रही सावी (सीरत कपूर) के लिए यह दिन बेहद खास है। गीता मां (गीता बिष्ट) सावी को तिल के लड्डू बनाने और पूजा करने की ज़िम्मेदारी सौंपती हैं। लेकिन यह सिर्फ एक रस्म नहीं है। पूजा के बाद सावी को मिलेंगी ‘घर की चाबियां’, जो भरोसे और घर की नई ज़िम्मेदारियों का प्रतीक हैं। हालांकि, चीज़ें उतनी आसान नहीं रहने वालीं। घबराई हुई सावी से हालात संभलने के बजाय और उलझ जाते हैं, वहीं लतिका (प्रियंवदा कांत) की पुरानी असुरक्षाएं फिर से सिर उठाने लगती हैं। लड्डू, प्रतिस्पर्धा और ढेर सारी हंसी के बीच क्या सावी अपने इस खास पल में खुद को साबित कर पाएगी? या फिर उसकी छोटी-सी गलती पूरे त्योहार और दिन भर की खुशी को बिगाड़ देगी?
शूटिंग का अनुभव साझा करते हुए सावी का किरदार निभा रहीं सीरत कपूर कहती हैं, “यह ट्रैक मेरे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि यह उस पल को खूबसूरती से दिखाता है जिससे हर नई दुल्हन गुज़रती है -जब उसे घर की चाबियां सौंपी जाती हैं। ये सिर्फ चाबियां नहीं, बल्कि भरोसे, अपनापन और ज़िम्मेदारी का प्रतीक हैं। इन सीन की शूटिंग बेहद मज़ेदार रही। पूरा सेट त्योहार के रंग में डूबा हुआ था- रंग-बिरंगी सजावट, पारंपरिक कपड़े और हर तरफ खुशियां। लड्डू वाला सीन तो खासतौर पर बहुत मज़ेदार था, जब लड्डू पत्थर जैसे सख्त बन गए! इससे मुझे बचपन की याद आ गईं, जब मैं अपनी मां के साथ तिल के लड्डू बनाती थी और कभी-कभी वही हाल हो जाता था। मकर संक्रांति मेरे लिए हमेशा गर्मजोशी, सकारात्मकता और परिवार के साथ जुड़ाव का त्योहार रहा है, और हमारा यह एपिसोड उसी भावना को दर्शाता है।” वहीं लतिका का किरदार निभा रहीं प्रियंवदा कांत कहती हैं, “घर की चाबी वाला सीन शूट करना मेरे लिए सबसे पसंदीदा रहा, क्योंकि इसमें लतिका का भावनात्मक और मज़ेदार दोनों पहलू देखने को मिलता है। टेक्स के बीच हम खूब हंसे और एक-दूसरे को चिढ़ाते रहे। सेट पर माहौल इतना जीवंत था कि सच में मकर संक्रांति का जश्न मनाने जैसा लग रहा था। शूटिंग के दौरान हमने कुछ मज़ेदार सोशल मीडिया रील्स भी बनाई। एक बार तो संयोग से हम दोनों एक जैसे कपड़ों में आ गए और उसी पर एक मज़ेदार ‘ट्विनिंग’ डांस रील बना डाली! सेट पर मौजूद सभी लोग हमें देखकर खूब हंसे। ऐसे पल त्योहारों से जुड़े ट्रैक्स की शूटिंग को और भी खास बना देते हैं।”
